मंगलवार, 14 सितंबर 2021

275-मेरी बीमार माँ

 डॉ.कविता भट्ट 'शैलपुत्री' 


9 टिप्‍पणियां:

  1. माँ के अनगिनत सवालों को सहलाती भावपूर्ण अभिव्यक्ति ...

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  2. मानवीकरण व बिम्ब देखते ही बनते हैं। उत्कृष्ट रचना, हिन्दी की दशा को दर्शाती सटीक काव्याभिव्यक्ति।

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  3. हिंदी ओल्ड एज होम में जीवन मृत्यु के बीच झूल रही है,इंग्लिश इतरा रही है...चिंतन को झकझोरती प्रभावी रचना हेतु कविता जी को बधाई।

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  4. सटीक बिम्बों और मानवीकरण का प्रयोग। बहुत सुंदर भावाभिव्यक्ति। हार्दिक बधाई कविता जी।

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  5. बहुत ही सटीक रूपक। बहुत सुंदर बिंब। मानवीकरण अलंकार ने कविता में प्राणों का संचार किया है। अत्यंत भावपूर्ण रचना जो मन पर गहरा प्रभाव छोड़ती है।
    बहुत-बहुत बधाई डॉ कविता

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  6. सुंदर बिम्ब मानवीकरण की अद्भुत छटा
    भावपूर्ण कविता
    सुंदर सृजन के लिए शुभकामनाएँ

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  7. उत्कृष्ट भावपूर्ण सृजन के लिए बहुत -बहुत बधाई कविता जी।

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  8. बहुत ही मार्मिक कविता।बहुत ही भावपूर्ण चित्रण किया गया है।वास्तविकता का सजीव उदाहरण लिए है ये कविता।💐

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