सोमवार, 19 नवंबर 2018

92-लोकमत

[आज लोकमत के बृहद  विशेषांक में  प्रकाशित  रामेश्वर काम्बोज' 'हिमांशु ' की लघुकथाएँ दी जा रही हैं .इन लघुकथाओं में निहित  कथ्य की शक्ति पढ़कर ही जानी जा सकती  है . डॉ. कविता भट्ट ]












7 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत अच्छी, सीखने योग्य लघुकथाएँ। आभार प्रस्तुति के लिए।

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  2. एक से बढ़कर एक लघुकथाएँ !
    बहुत ही प्यारी, मार्मिक तथा मन को छूने वाली ... बहुत -बहुत बधाई भैया जी !
    आभार कविता जी !

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  3. सभी लघुकथाएँ हृदयस्पर्शी .... एक से बढ़कर एक ...
    गुरुवर को हॄदय की गहराइयों से नमन एवं हार्दिक अभिनंदन

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  4. कालजयी रचनाएँ , हार्दिक बधाई !

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  6. एक से बढ़कर एक लघुकथाएँ... जीवन के विविध रंगों को उकेरती हुई! हार्दिक बधाई आदरणीय भैया जी को!
    कविता जी...इन्हें यहाँ साझा करने हेतु आपका बहुत आभार!!!

    ~सादर
    अनिता ललित

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