रविवार, 18 मार्च 2018

हम भारतवासी सब एक हों


(भारतीय नववर्ष पर विशेष
1-आशाओं का सूरज उगे तो

डॉ॰कविता भट्ट (हे न ब गढ़वाल विश्वविद्यालय,श्रीनगर गढ़वाल,उत्तराखण्ड)

  
सतरंगी नव-रश्मियों से
प्राची  के  ऐसे अभिषेक हों ।
आशाओं का सूरज उगे तो
निर्मल सबके बुद्धि-विवेक हों॥
                                                           
 द्वेष त्यागें, उत्थान करें मिल
हम भारतवासी सब एक हों।
पात दम्भ के सभी झर जाएँ
ममता -समता सब  अतिरेक हों।
नवगीत  मधुर खग-कंठ  गाएँ  
प्रेम-सद्भाव -सुमन अनेक हों॥
 भारत माँ  का  यशोगान  करें
हम भारतवासी सब एक हों॥

क्षुधाएँ शान्त, कंठ  हों सिंचित
नव उन्मेष नवल अभिलेख हों।
'कविता' मातृभूमि-सेवा ,धर्म
 इसमें निरत  वर्ण  प्रत्येक हों॥
नभ-दिगंत  छूने की ललक में
हम भारतवासी सब एक हों।

-0-

2-नव वर्ष मंगलमय हो
प्रभात पुरोहित(चमोली गढ़वाल ,उत्तराखंड)

नव दिवस नव चेतना- संग।      
नव रक्त संचार हो रहा है।
नव पुष्प नव पल्लव -संग,
धरा का  शृंगार हो रहा है।।

ऋतु बसंत की फुलवारी,
जीवन को सजा रही है।
दिशाएँ चारों जगती की,
नवगीत मंगल गा रही हैं।।

सुख की कोंपल लगी फूटने,
दुःख पतझड़ पार हो रहा है।
रुग्ण बंधन तोड़ दिए  सारे,
जीवन का नवाचार हो रहा है।।

भरकर नई उड़ान जीवन की,
नील  गगन दृश्य हो रहा है।
चैत्र मास शुक्ल प्रतिपदा संग,
नव संवत्सर सुख बीज बो रहा है।
-0-


19 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर सन्देश, नववर्ष को राष्ट्रोत्थान से जोड़ना , सबकी एकता, इसी से समाज दृढ़ होता है। सार्थक सृजन । ये पंक्तियाँ नया सन्देश देती हैं । हार्दिक बधाई डॉ कविता भट्ट जी-
    सतरंगी नव-रश्मियों से
    प्राची के ऐसे अभिषेक हों ।
    आशाओं का सूरज उगे तो
    निर्मल सबके बुद्धि-विवेक हों॥

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  2. सुंदर,सकारात्मक ....बहुत शुभकामनाएँ!!

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  3. प्रभात पुरोहित जी को भी इनकी कविता के लिए बधाई

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  4. बहुत प्यारी रचना कविता जी ...ढेर सारी शुभकामनाएँ !

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  5. हार्दिक आभार ज्योत्स्ना जी

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  6. बहुत सुंदर सृजन कविता जी हार्दिक बधाई।
    सुंदर कविता प्रभात जी...बहुत बधाई।

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  7. कविता भट और प्रभात पुरोहित जी की कविताएँ पढकर मन में वसंत की एक लहर जाग उठी | कविता भट ने बहुत सुंदर शब्दों से राष्ट्रीयता का मधुर संदेश देकर अपनी कोमल भावनाओं को जिस प्रकार प्रस्तुत किया है ,वास्तव में स्मरणीय है | हर शब्द में स्पर्श करने की शक्ति है | श्याम त्रिपाठी -हिन्दी चेतना

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    1. माननीय श्याम त्रिपाठी जी का हार्दिक आभार।

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  8. दोनों रचना बहुत सुन्दर. भारतीय नव वर्ष की बहुत शुभकामनाएँ.

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  9. नववर्ष का सुमधुर संदेश राष्ट्र को देते हुए , बहुत सुन्दर रचना कविता भट्ट की । प्रभात पुरोहित की नववर्ष की कविता नवचेतना का संदेश दे रही है । दोनों को बहुत - बहुत बधाई सुन्दर सृजन के लिये ।

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  10. कविता जी और प्रभात जी आप दोनों की बहुत ही सुंदर रचना । हार्दिक बधाई

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  11. आप सभी को हार्दिक धन्यवाद।

    प्रभात पुरोहित

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  12. आदरणीय/आदरणीया काम्बोज जी, डॉ ज्योत्स्ना शर्मा जी , रश्मि, ज्योत्स्ना प्रदीप जी, कृष्णा जी, डॉ भावना जी, श्याम त्रिपाठी जी, डॉ जेन्नी जी, विभा जी तथा सत्या जी को हार्दिक धन्यवाद।

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  13. बहुत अच्छी रचनाएँ...हार्दिक बधाई...|

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